दृष्टिकोण बदलना जरुरी

एक घटना, ससुराल से एक बहिन पीहर जा रही थी । प्रातःकाल का समय था । रियाँ-पीपाड़ की बात कहो या विजयनगर-गुलाबपुरा की ।...

जैन कहानी – दान की महिमा

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस अंधविश्वास के कारण कि...

कर्म भोग प्रारब्ध – अपने अपने कर्मो का फल सबको मिलता है

एक गाँव में एक किसान रहता था उसके परिवार में उसकी पत्नी और एक लड़का था। कुछ सालों के बाद पत्नी मृत्यु हो गई...

अपने पुण्य और पाप का फल सबको मिलता है..

जम्बुद्वीप का भरत क्षेत्र और इस अवसर्पिणी काल के 20वें तीर्थंकर श्री मुनिसुव्रतस्वामी के समय की बात है एक बड़ा सेठ था, जिसका नाम...

और वह दीपक जलता रहा – जैन कहानी

वैशाली की राज्य-परम्परा में ‘चन्द्रावतंस’ एक पराक्रमी राजा हो गया है । वह कर्मवीर ही नहीं, धर्मवीर भी था । राज्य-कार्यो में संलग्न रहते...

जानिए कब और कैसे होते हैं भगवान प्रसन्न ?

एक महिला संतान न होने के कारण बहुत दुखी थी | भजन, पूजन, व्रत, उपवास जिसने जो बताया, उसने बड़ी श्रद्धा से उसे पूर्ण...

पापों से सावधान – देखो हम नरक में क्यों गए ?

अपने अपने कर्मो का फल सभी को भोगना ही पड़ता है चाहे वो भगवान का जीव हो या फिर भगवान का सबसे बड़ा भक्त,...

वस्तुपाल तेजपाल की गौरव गाथा

जैन धर्म की गौरव गाथाओं की बात करे और वस्तुपाल तेजपाल की बात न हो तो वह अधूरी मानी जाती है इसे धर्मकर्ता जिनआज्ञां...

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