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हे अनंतशक्ति के पुंजस्वरूप तारक परमात्मा !

भवसागर को जिन्होंने पार कर दिया है और जो सभी प्रकार के अतिशयों से युक्त है, ऐसे जिनेश्चर परमात्मा विवेकी पुरुषों के लिए सदैव...

जिन-मंदिर में प्रवेश पूर्व अनिवार्य सात शुद्धियाँ

यदि आप नियमित रूप से जिनमंदिर जाते है तो कुछ सामान्य शुद्धि संबधी बातो को ध्यान रख कर आप आशातना करने से बच सकते...

वर्षीतप (संवत्सर तप)

प्रथम तीर्थकर ऋषभदेव परमात्मा को दीक्षा अंगीकार करने के बाद लाभांतराय कर्म का उदय होने से 400 दिन तक उन्हें निर्दोष भिक्षा की प्राप्ति...

देवगति के दुःख

आज के इस युग में अधिकांश लोग यह मानते हैं कि देव गति में सुख ही सुख होते हैं और अधिकांश लोग देव गति...

धार्मिक पाठशाला एवं संस्कार शाला की अनिवार्यता

जय जिनेन्द्र, आज के इस भौतिक युग में धर्म के संस्कारों का लोप होता जा रहा है। भौतिक पढ़ाई हेतु कई विद्यालय मौजूद हैं,...

फागण सूद तेरस – छ गाऊ यात्रा

बावीस वे तीर्थकर भगवान नेमिनाथ के समय हुवे हुए। श्री कृष्ण महाराजा के पुत्रों में शाम्ब और प्रध्युम्न नाम के दो पुत्र थे।नेमीनाथ भगवान...

सधार्मिक भक्ति के संबंध में

जैन जीवन शैली के तत्वों में समाया एक तत्व है साधर्मिक भक्ति । एक सुश्रावक का कर्तव्य होता है सधार्मिक भक्ति करना पर किस...

जैन मंत्र साधना – Power Of Mantra

जैन धर्म में मंत्र साधना व जाप का बहुत प्रबाव बताया गया है। मंत्र साधना कर विविध सिद्धि प्राप्त महाभगवंत आज भी यहाँ मौजूद...

रात्रिभोजन के संबंध में

रात्रिभोजन का त्याग मोक्षमार्ग के पथिक के लिए तो आवश्यक है ही, परंतु उसके आधुनिक विज्ञान – अनुसार भी अनेक लाभ हैं। जैसे कि...

इन पापो से सभी जैनों को बचाना चाहिए।

जिस प्रवृति से दुर्गति में पड़ते जीवों को अहिंसा द्वारा बचायें उसे धर्म कहा जाता है। क्या आप जानते है आप अनजाने में भी...