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इन पापो से सभी जैनों को बचाना चाहिए।

जिस प्रवृति से दुर्गति में पड़ते जीवों को अहिंसा द्वारा बचायें उसे धर्म कहा जाता है। क्या आप जानते है आप अनजाने में भी...

श्री शत्रुंजय महातीर्थ की भावयात्रा

शत्रुंजय गिरिराज की महिमा मेरु समान है। हे भव्यजीवो इसे श्री शत्रुंजय महातीर्थ के जितने गुणगान किये जाएँ वे कम है। चोदह राजलोक मे...

दृष्टिकोण बदलना जरुरी

एक घटना, ससुराल से एक बहिन पीहर जा रही थी । प्रातःकाल का समय था । रियाँ-पीपाड़ की बात कहो या विजयनगर-गुलाबपुरा की ।...

संयम संवेदन – Photo Gallery

संयमी स्वयं की साधना एवं सिद्धि के पथ पर क्रमश: उपरोतर गतिशील एवं प्रगतिशील होता है। प्रस्तुत "संयम संवेदन" इसी बात का लक्ष्य में...

पाँच प्रकार के ज्ञानो का वर्णन व दोहे

जैन धर्म के अनुसार ज्ञान आत्मा का गुण है । आत्मा ज्ञानमय है, ज्ञानस्वरुप है । ज्ञान एवं ज्ञानी भिन्न भी माने गये हैं,...

जैन साधूभगवंत के पांच महाव्रत

प्राणातिपातविरमाण महाव्रत – अहिंसा मृषावादविरमाण महाव्रत – सत्य अदत्तादानविरमाण महाव्रत – अचौर्य मैथुनविरमाण महाव्रत – ब्रह्मचर्य परिग्रहविरमाण महाव्रत – अपरिग्रह   दीक्षा लेनेवाला व्यक्ति प्रतिज्ञापूर्वक कहता है की - "है...

जैन कहानी – दान की महिमा

एक भिखारी सुबह-सुबह भीख मांगने निकला। चलते समय उसने अपनी झोली में जौ के मुट्ठी भर दाने डाल दिए, इस अंधविश्वास के कारण कि...