Jain Jyotish आइये जाने सामुद्रिक/हस्तरेखा शास्त्र से भविष्य देखने के नियम

मानव-शरीर के विभिन्न अंगों की बनावट के आधार पर उसके गुण-कर्म-स्वाभावादि का निरूपण करने वाली विद्या आरंभ में लक्षण शास्त्र के नाम से प्रसिद्ध थी।

जानिए नवकार मंत्र जप करते समय कैसे भाव रखने चाहिए ?

हम लोग जो नवकार मंत्र बोलते हैं, वे किस समझ से बोलते हैं? 'चौबीस तीर्थंकर ही अरिहंत हैं।' हम अगर उनको अरिहंत कहेंगे तब...

वर्तमान तीर्थंकर भगवान सीमंधर स्वामी का परिचय

भगवान सीमंधर स्वामी कौन है ? भगवान सीमंधर स्वामी वर्तमान तीर्थंकर भगवान हैं, जो हमारी जैसी ही दूसरी पृथ्वी पर विराजमान हैं। उनकी पूजा का...