जैन धर्म के शाश्वत सूत्र और उनमे “णं” का प्रयोग

जय जिनेन्द्र, जैन धर्म अपने आप में महान और अनूठा है ! आज हम जानेंगे हमारे शाश्वत मन्त्रों और उनकी महत्ता को । तीन सूत्र शाश्वत...

जीरावाला प्रतिष्ठा का सु-अवसर आ रहा है ! देखिये झलकियाँ

श्री जीरावाला पार्श्वनाथ मंदिर की भव्य प्रतिष्ठा की मंगल वेला धीरे धीरे समीप आ रही है, देखिये कुछ ऐसे करने की कोशिश है जिरावाला की...

क्या आप जानते हैं चातुर्मास “चौमासा” का मतलब ?

वर्षा ऋतु में अनंत जीवों की उत्पत्ति होती है | हमारे आवागमन से इनकी हिंसा से बचने हेतु परमात्मा ने चातुर्मास (चोमासा) प्रणाली स्थापित...

अपने पुण्य और पाप का फल सबको मिलता है..

जम्बुद्वीप का भरत क्षेत्र और इस अवसर्पिणी काल के 20वें तीर्थंकर श्री मुनिसुव्रतस्वामी के समय की बात है एक बड़ा सेठ था, जिसका नाम...

ऐसी हस्तरेखा वाले को होता हें भारी धन-लाभ

ऐसी हस्तरेखा वाले को होता हें भारी धन-लाभ :- आज के इस योग में हरएक व्यक्ति यही चाहता है कि उसे अचानक भारी धन-लाभ हो, चाहे किसी भी प्रकार से हो। इस अचानक लाभ के लिए व्यक्ति अपनी जमापूँजी को भी लॉटरी, रेस, सट्टा आदि में लगा देते हैं। इस तरह अपनी परिश्रम से कमाई हुई दौलत को बर्बाद करना सर्वथा अनुचित है। यह भी जान लेना जरूरी है कि वास्तव में आपके भाग्य में आकस्मिक धन-लाभ प्राप्त होना है या नहीं।

जैन धर्म के अनुसार शयनविधि – दिशा बदलो दशा बदलेगी

जैन धर्म व शास्त्रों के अनुसार एक व्यक्ति को किस प्रकार अपनी शयन विधि रखनी चाहिए इसपर हम आज विचार करेगे । हम अपनी...

ऐसी दशा हो भगवन जब प्राण तन से निकले…

“ऐसी दशा हो भगवन जब प्राण तन से निकले...” यह स्तवन तो सुना ही होगा ! पर कभी विचार किया है की जीवन के अंतिम...

वाह पुण्यशाली, “चढ़ावा” आपने लिया ? अनुमोदना ! पर एक निवेदन भी …

XX मण एक बार, XX मण दौ बार और XX मण तीन बार .. बोलो जिन शासन देव की जय ! पुण्यों के उदय से अपने...

जीवदया प्रतिपालक कुमारपाल महाराज – जानिए महान व्यक्तित्व को

जैन धर्म अनेको महान व्यक्तित्वों से भरा पड़ा है, संसार को जीव दया और अहिंसा का जो पथ जैन धर्म ने दिखाया वह सभी...

और वह दीपक जलता रहा – जैन कहानी

वैशाली की राज्य-परम्परा में ‘चन्द्रावतंस’ एक पराक्रमी राजा हो गया है । वह कर्मवीर ही नहीं, धर्मवीर भी था । राज्य-कार्यो में संलग्न रहते...